एक चमत्कारिक दिन

एक चमत्कारिक दिन

सार बात

विमल के अपन पत्नी संग तनावपूर्ण रिश्ता अउ अधिक खराब होवत जात रहिथे। लेकिन एक दिन ओ हर सब्बत के बारे म सिखथे, एक खास पवित्र दिन जेमा सृष्टिकर्ता परमेश्वर ल महिमा मिलथे। ओ हर यीशु प्रभु के किताब ल पढ़ना चालु करथे अउ हर सप्ताह सब्बत पालन करने लगथे। धीरे से विमल के क्रोधी मन शांत होथे, अउ ओकर विवाहित जीवन म अच्छा होय लगथे।

परकार

Tract

प्रकाशक

Sharing Hope Publications

उपलब्धी में

22 भाषा

पन्ना

6

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विमल हर अपन के आटोरिक्शा ल रोड किनारे खिंच के लेगिस। जबकि ओकर ठिना क‌ई सारा ग्राहिक रहिसे तभो ले पुरा दिन, ओला नि सुहाईस। ओहर अपन बिहाव के बारे मं सोचना बंद नयि कर पाईस। इखरे बर मन हर टुट गे!

ओहर अपन के पत्नी, सीमा ल बहुत प्यार करय लेकिन ओहर अपन के पत्नी ल‌‌‌ आए दिन पीटे से स्वयं ल कभ्भू काबू नयि कर पाईस। पत्नी हर ओला बहुत गुस्सा दिलाय करय। ऐसना करे के ओकर मन नयि रहय, लेकिन ओकर से हो जाया करय।

धार्मिक अनुष्ठान के बेरा में, सीमा हर मोर जी ल बिट्टा दारय ओला भूत धरे लग जाय अउर ओहर बहिभूथि जैसन नाचे बर लग जाय, अउर बेकाबू हो के ओकर सब कपड़ा ल चिर दारय। विमल ल ओकर ऐसना अपन से बेकाबू होय ले अच्छा नयि लागय। ओहर ब‌ई ल अनुष्ठान में जाय से मना करथे, लेकिन ब‌ई ओकर नयि सुनय। ब‌ई घर डहर जाय बर होथे तब ओकर कपड़ा मन फटे अवस्था में अउर चेहरा मं पशु बलि के लहू के छिटका ल देख के विमल कड़क जाय अउर ब‌ई ल मारय।

सीमा दो बार गर्भवती हो जाथे लेकिन गर्भपात हो जाय कारन कि ओहर अनुष्ठान में शामिल होवत रहिसे। ओहर अउ ज्यादा जिद्दी बनेगे, अउर विमल सनकीहाआदमी, तनाव अउर अपराधी बनगे।

एक बढ़ीया उपाय

जिसने ही विमल हर अपन के आटोरिक्शा म बैठथे, ओहर निराश होके बढ़ीया उपाय के बारे मं विचार करथे। अचानक, सड़क किनारे बिल्डिंग के अंदर से ओहर आवाज सुनथे। ओह जगह मं ल‌ईका अउर सियान मन अंदर मं रहिन, अउर ओ सबों झन एक आदमी के द्वारा कहानी ल सुनथ रहिथे।

कहानी बताने वाला हर एक ऐसे व्यक्ति के बारे मं बात करत रहिस जेन हर समस्या ल देख के भागत रहिसे। ओहर अपन के जुड़वां भाई से विश्वासघात करिस अउर बुरी तरह चोंट पहुंचा देथे यहां तक कि ओहर अपने आप से डरात रहिस। ओहर भागे लगिस, ओला जंगल झाड़ि कहुं कोती नींद नयि आवत रहिस। ओकर पास ऐसन कछु चीज नयि बचे रहिसे जेकर से ओला सुकून मिल सके मात्र एक सिरहाने के पत्थर ल छोड़ के। ओहर अपने आप ल अकेला अउर दुखी महसूस करत रहिस हर ओ बात के खातिर जेकर कारन से ओहर अपन के परिवार से अलग होगे रहिसे।

विमल ल बहुत नजदीक से सुनाई देथे। ओला अच्छी तरह मालूम हे की ओकर बर्बादी के कारण का हे।

कहानी बताने वाला हर बोलना चालू रखथे। जैसे ही ओहर सुत जाथे, ओला एकठन सपना आथे। ओहर देखथे कि एक सीढ़ी स्वर्ग तक जा पहुंचे हे। सरगदूत मन सीढ़ी मं ऊपर नीचे चढ़त उतरत रहिथे, जेसन की ओमन हर ये दुःखी, टुटे आदमी बर आशिर्वाद लेके नीचे आवथे। जब ओहर जाग जाथे, ओहर खुश हो जाते। ओहर अपन ईश्वर के खातिर स्मृति चिन्ह बनाथे ओ पत्थर से जेला ओहर सिराहना बनाय रहिसे। सीढ़ी वाला सपना हर ओला एक बार फिर ईश्वर के संग जुड़े के एहसास कराथे, अउर ओहर जान लेथे जो कुछ चलथे सब बढ़ीया हे।

एक नावा किताब

जब सब झन के जाय के बाद, विमल हर ओ बिल्डिंग मं झिझकत अंदर हमाथे।

तब कहानी बतोईया हर ओला «सब्बथ के बधाई हो» बोल के अभिवादन करथे।

“सब्बथ का होथे?” विमल हर बड़े उत्साह से पुछथे।

कहानी बताने वाला हर बोलथे «हमन सृष्टि के रचयिता ल मानथन»। «अउर ओ ईश्वर हर हमन ल सब्बथ के दिन आराधना करे बर बोले हे, हफ्ता के सातवां दिन, काबर कि ओहर सात दिन में संसार ल रच दे रहिसे»। जैसन एक आदमी हर सपना मं सीढ़ी ल देखथे जोन हर स्वर्ग अउर धरती संग जुड़े रहिसे, सब्बथ हर सप्ताहिक पवित्र दिन ये जेन हर हमन ल ईश्वर के संग जोड़ के राखथे। «जब हमन वो दिन मं आराधना करथन, तब एखर से ये बता सकथन की हमन सृष्टि के रचयिता ल मानथन अउर ओखर से आशीर्वाद पाथन»

विमल ल जोरंढा भाई के कहानी हर छू लेथे। «ये कहानी ल आप मन कोन ठीना पाहु?»

“ये कहानी हर बाईबल मं मिल ही, जेन हर प्रभु यीशु मसीह के किताब ये” कहानी बतोईया हर छांटके एकठन किताब विमल ल दिस। “अब तैंहर एमा से कहानी मन ल पढ़ सकबे”

विमल हर ओ आदमी ल धन्यवाद देके नवा किताब ल पकड़ के अपन घर चलदिस। जैसने किताब ल ओहर पढ़थे ओला बहुत सुकुन मिलथे, अउर ओहर आने वाला शनिवार के दिन अउ जाथे। ओहर जाके चुपचाप बैठके सृजन करोईया ईश्वर ल ओकर पवित्र दिन में प्रार्थना करथे, तब थोकन अद्भूत चीज के शुरूवात ओकर दिल मं होवेबर लग जाथे।

एक परिवर्तित मैईनखे

एक दिन, जिसने ही विमल हर ओकर नवा किताब ल पढ़थे, ओला एकठन पद मिल जाथे जेकरा ऐसने बोला जाथे, “का आप ल पता नीये कि आप के तन हर ईश्वर बर मंदिर हवे अउर ईश्वर के आत्मा हर आप में वास करथे?” (१कुरुंथि ३:१६) अचानक ओकर दिमाग में ज्ञान के प्रकाश आजाथे। जहां तक कि तन हर परमेश्वर बर मंदिर हवे, ओहर सोंचथे, काकरो पास ऐसन अधिकार नयि हे कि ये तन ल कष्ट दे के हानि पहुंचाय। मोला मोर नारी ल अब नयि पीटना हे।

ओहर पहले भी कई बार परियास कर दारे रहिथे, लेकिन अब के बार सही में काम कर जाथे। ओहर समझगे कि बाईबल पढ़ना अउर सब्बथ के दिन आराधना करना हर ओला सृजनहार के संग जोड़ देथे, जेन हर ओकर हिरदे ल बदल दिसे। ओला ऐसन लागिस कि कोई दैवीय हाथ हर ओकर छाती से पत्थरा कस कठोर हिरदे ल निकार के मयारू हिरदे मं बदल दे हे।

पुनर्मिलन!

क‌ई बरस ले, विमल हर लगातार सृजन कर्ता ईश्वर ल सब्बथ के दिन आराधना करत रहिस। धीरे से, सीमा हर ध्यान करथे कि ओकर पति मं एक बदलाव आवथे। ओहर अब ओला नयि मारथे। एकर बजाय, ओहर दयालु अउर कोमल स्वभाव के बनगे हे।

तब अब, सीमा हर अउर जादा थकगिस अउर व्याकुल होगे। ओहर देखते कि विमल हर अब यीशु मसीह के किताब ल पढ़े के बाद सबो बेरा एकदम शांत दिखथे अउर शनिवार के दिन आराधना करके वापिस घर आजथे। आखिर मं, जब ओहर एला पूछथे जाय के इच्छा हे कि नी, तब उहू हर ओकर संग मं जाना चाहथे।

“सब्बथ हर हमर परिवार बर खास पवित्र दिन बनगे हावे” विमल हर बोलथे। “एला ऐसना एक दिन” माने जाथे जेमां ईश्वर हर हमन ल ओकर संग मं जुड़े रहे बर बुलाथे। जब हमन ओकर संग इस तरीका से जुड़ जाथन, तब ओहर चमत्कार करे लग जाथे। मोला पता हे मोर पत्नी अउर मै विहाव से आज सुख से हावन काबर कि मैं सृजन हार ईश्वर ल हर दिन आराधना करे बर सीखें हंव, खासकर सब्बथ के दिन। «सब्बथ के आशिर्वाद हमन ल ईश्वर के संग अउर एक दूसरे ल भी मिलवा थे»

आज, विमल अउर सीमा दोनों झन दूठन बेटा के साथ हंसी खुशी वैवाहिक जीवन बिताथे। ओमन अपन के सबों परोशी ल सब्बथ के आशिष के बारे मं बतातथे।

यदि आप मन सब्बथ के बारे मं अउर अधिक जाने के इच्छुक हव या फिर बाईबल पाना चाहत हव, तब कृपा करके येहि पन्ना के पाछू मं लिखे जानकारी से सम्पर्क करव।

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